IIT Delhi Vlogs || Campus Life ft. @insane_ladka-n5z
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26 January : Republic Day Of INDIA
इस पोस्ट में हमलोग बात करने वाले है 26 January यानि Republic Day Of INDIA के बारे में तो चलिए शुरू करते है हम सभी जानते है हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ लेकिन 26 January 1950 को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान को पुरे देश में लागु किया गया | तब से आज तक हमारा देश गणतंत्र देश बना |
26 january 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी इसीलिए 26 january 1950 के पहले भी संविधान बनकर तैयार होने के वावजूद 26 january 1950 को लागु किया गया ताकि 26 january का दिन इतिहास में सुनहरे अक्षरों में अंकित हो जाये | इस तरह भारत स्वतंत्र ,समाजवादी ,धर्मनिरपेक्ष , और लोकतान्त्रिक गणराज्य बन गया |
Who is the chief Guest Republic Day 2025?
President of रिपब्लिक ऑफ़ इंडोनेशिया Mr. Prabowo Subianto इस साल भारत के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि है जो आज कर्तब्य पथ पर ध्वजरोहण के दौरान भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के साथ india गेट पर मौजूद रहेंगे |
What is the theme of Republic day 2025?
इस साल गणतंत्र दिवस 2025 का थीम है स्वर्णिम भारत - विरासत और विकास प्राद्यौगिकी बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक बिरासत में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालेगा |
लकड़ी दरगाह :सिवान जिला का famouse गांव
लकड़ी दरगाह सिवान जिला का एक बहुत famous गांव है जिसका वजह यहाँ की भौगोलिक स्थिति जिसके पश्चिम और उत्तर में गोपालगंज जिले का क्षेत्र पड़ता है इस गांव की जनसँख्या 10-15 हजार के आस पास होगी |
यह मुसलमानों के लिए तीर्थ स्थान का स्थान है। गांव को लकड़ी दरगाह इसलिए बुलाया जाता है क्योंकि यह दरगाह एक मुसलमान संत का है जिनका नाम शाह अरज़न था जिससे inspire होकर Local भाषा में लोग उन्हें अरजानी साहेब कहते है एवं वो पटना के थे। जब वे इस क्षेत्र से गुजर रहे थे तब उन्हें इस जगह पर एक अद्भुत energy (शक्ति ) का अहसास हुआ था जिसके चलते 40 दिनों तक उन्होंने यहाँ धार्मिक चिंतन(चीला ) किया था। उन्होंने एक धार्मिक प्रतिष्ठान भी स्थापित किया, जिसे सम्राट औरंगज़ेब ने संपन्न किया था। औरंगजेब का शासन काल 1658ईस्वी से 1707 ईस्वी तक था इस हिसाब से इस ये मुस्लिम tomb करीब 300 सौ साल के आस-पास का रहा होगा | तब से हर साल दिसंबर के महीने मे यहाँ मेला लगता है जिसे इस समय के दुनिया में Agrai का मेला कहा जाता है संत(शाह अरज़न) के मौत की सालगिरह हर साल रबी-उस -सनी के 11 वें दिन मनाई जाती है एवं इस दिन यहाँ काफी बड़ी भीड़ जमा होती है।
कैसे यहाँ पहुंचे ?
यहाँ पहुंचने के लिए आपको सिवान जिला मुख्यालय से 15km North दिशा में आना होगा | अगर गोपालगंज के तरफ से आ रहे है तो गोपालगंज से 13-14 km साउथ दिशा के तरफ आना होगा | जिससे आप लकड़ी दरगाह पहुंच पाएंगे |
Nearest Railway Station?
Hathua Railway Station ,Thawe railway station, Siwan Railway Station यहा के सब पास के रेलवे स्टेशन है






